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ऑस्ट्रेलिया ने रचा इतिहास: महिला विश्व कप में भारत के खिलाफ रिकॉर्ड 331 रन का पीछा कर दर्ज की यादगार जीत

🗓 October 13, 2025 ✍ लेखक: 📂 श्रेणी: राष्ट्रीय
ऑस्ट्रेलिया ने रचा इतिहास: महिला विश्व कप में भारत के खिलाफ रिकॉर्ड 331 रन का पीछा कर दर्ज की यादगार जीत

विशाखापट्टनम के डॉ. वायएस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए स्टेडियम में रविवार को खेले गए महिला वनडे विश्व कप 2025 के रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने नया इतिहास रच दिया। उन्होंने भारत द्वारा दिए गए 331 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए 3 विकेट से शानदार जीत हासिल की। यह जीत महिला वनडे क्रिकेट के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ साबित हुई।

इस ऐतिहासिक मुकाबले की नायिका बनीं ऑस्ट्रेलिया की स्टार ओपनर एलिसा हीली (Alyssa Healy), जिन्होंने बल्लेबाजी का मास्टरक्लास पेश करते हुए 107 गेंदों पर 142 रन की यादगार पारी खेली। हीली की पारी में 19 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उन्होंने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और हर ओवर में रन गति को बनाए रखा। जब भारत को विकेट की जरूरत थी, तब हीली ने शांति और अनुभव का परिचय दिया और ऑस्ट्रेलिया को जीत की दिशा में आगे बढ़ाया।

इससे पहले, भारत ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई और 92 गेंदों पर 80 रन की पारी खेली। उनके साथ ओपनिंग करने उतरीं युवा खिलाड़ी प्रतिका रावल (Pratika Rawal) ने भी शानदार 75 रन बनाए। दोनों ने मिलकर 144 रनों की साझेदारी की, जो महिला विश्व कप इतिहास में भारत की सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप साबित हुई।

हालांकि, भारत का मिडिल और लोअर ऑर्डर अपनी लय नहीं पकड़ पाया। कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स जैसी अनुभवी बल्लेबाज जल्दी आउट हो गईं, जिसके चलते भारत ने आखिरी 10 ओवरों में सिर्फ 65 रन जोड़ पाए। टीम 330 रनों पर ऑल आउट हो गई, जबकि स्कोर 350 के पार जाने की पूरी संभावना थी।

ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण में एनाबेल सदरलैंड (Annabel Sutherland) ने सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने अपनी लाइन और लेंथ पर बेहतरीन नियंत्रण दिखाते हुए 5 विकेट सिर्फ 40 रन देकर हासिल किए। सदरलैंड की गेंदबाजी ने भारत की पारी को थामने में अहम भूमिका निभाई। बाद में, उन्होंने बल्लेबाजी में भी 28 रनों का तेज़-तर्रार योगदान देकर अपनी टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।

मैच का निर्णायक मोड़ तब आया जब हीली और कप्तान मेग लैनिंग (Meg Lanning) ने तीसरे विकेट के लिए 102 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजों को थका दिया और जीत की उम्मीदें कमजोर कर दीं। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा और पूजा वस्त्राकर ने कोशिश की, लेकिन सफलता सीमित रही।

हालांकि भारत मैच हार गया, लेकिन टीम के प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलू नजर आए। स्मृति मंधाना ने इस मुकाबले में एक बड़ा व्यक्तिगत माइलस्टोन हासिल किया — वे महिला वनडे क्रिकेट में सबसे तेज़ और सबसे कम उम्र में 5000 रन पूरे करने वाली बल्लेबाज़ बन गईं।

यह मुकाबला न केवल रन और रिकॉर्ड का खेल था, बल्कि भावनाओं का भी। स्टेडियम में बैठे हजारों दर्शक आखिरी ओवर तक सांस रोके हुए थे। ऑस्ट्रेलिया की जीत ने टूर्नामेंट की दिशा और रोमांच दोनों को नया मोड़ दे दिया है। वहीं भारतीय टीम इस हार से सबक लेकर अगली चुनौतियों के लिए खुद को और मजबूत करने की कोशिश करेगी।

जैसे-जैसे महिला विश्व कप अपने नॉकआउट चरण के करीब पहुंच रहा है, क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें एक बार फिर आमने-सामने होंगी — और तब शायद इतिहास एक नई कहानी लिखेगा।